लौह पुरुष और अखण्ड भारत का संकल्प
जब-जब अक्टूबर का महीना आता है, तभी हम लोगों को सरदार बल्लभ भाई पटेल जी की याद आती है और देश में एकता बढ़ाने की बात चलती है। जगह-जगह महोत्सव होने लगते हैं और विद्यालयों में इनके बारे में बताया जाता है।
अगर यह बात भारत के 25% लोगों को भी समझ आ जाती, तो अखण्ड भारत का सपना अब तक विकसित भारत में बदल चुका होता। हमें धर्म और जाति के भेदों से ऊपर उठकर एक भारतीय के रूप में सोचना होगा। कल्पना कीजिये एक ऐसे संग्रहालय की जहाँ इतिहास के अवशेष हमें यह सिखाएं कि आपसी मतभेदों की वजह से हमने कितना कुछ खोया है। तभी असली अर्थों में सरदार पटेल का अखण्ड भारत बनेगा।
आज गुजरात में लौह पुरुष की प्रतिमा बनकर तैयार है। यह दुनिया की सबसे ऊँची मूर्ति है, और एक हिंदुस्तानी होने के नाते हमारा सीना गर्व से चौड़ा होना चाहिए।
अब भी वक़्त है आर्यावर्त संभाल लो अपनी कमान।
वरना खण्डता के सूत्र में बंध जायेगा हिंदुस्तान।।
छोड़ो जाति-पाती का ये भेद, मिटा दो आपस के मतभेद।
आप सभी भारतवासियों को एकता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
Musafir Nizam
Bharat Ekta Yatra Mission
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